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11 वर्षीय मासूम ने लगाई फांसी मौत, घर से बाहर खेलने के लिए मना किया

भालूमाड़ा-24 अप्रैल 


दुनिया भर में फैले महामारी कोरोनावायरस की वजह से कि लोगों का जीना मुश्किल हो गया है जहां लोग कोरोना बीमारी से अपनी जान गवा रहे हैं वहीं अब कोरोना की वजह से अन्य तरह से दुखद मौत की खबर भी आ रही है इसी तरह की खबर भालूमाडॉ थाना अंतर्गत जमुना कॉलरी राठौर दफाई से मिली जहां अपने बच्चे को बाहर खेलने से मना करने पर 11 वर्ष का मासूम बालक गुस्से में फांसी लगा लिया और उसकी मौत हो गई । प्राप्त जानकारी में नमन विश्वकर्मा पिता राजेंद्र प्रसाद उम्र 11 वर्ष निवासी जमुना कॉलरी वार्ड नंबर 5 राठौर मोहल्ला ने अपने घर के बाथरूम में फांसी लगा ली जिससे उसकी मौत हो गई जानकारी में बताया गया कि 23 अप्रैल की रात लगभग 9:30 बजे नमन अपने कुछ मित्रों के साथ घर से बाहर खेल रहा था इसी बीच पुलिस की गाड़ी सायरन बजाते हुए आई तब यह बच्चे अपने अपने घर की ओर भागे जहां नमन भी अपने घर गया और घर पहुंचते ही उसकी मां ने उसे थोड़ा सा डांटते हुए बाहर खेलने के लिए गुस्सा किया और उसे बोला गया कि जाकर मुंह हाथ धो और खाना खा लो नमन को यह बात इतनी पीड़ादायक लगी कि वह जाकर बाथरूम में लगी जी आई तार में कपड़े से फंदा बनाया और झूल गया इधर उसका पूरा परिवार खाने के लिए नमन का इंतजार कर रहा था लगभग 10 मिनट बाद जब नमन नहीं आया तो उसका बड़ा भाई अंश जाकर देखा तो बाथरूम बंद था दो-तीन बार आवाज दिया लेकिन बाथरूम नहीं खुला तब उसने पीछे से जाकर रोशनदान से देखा तो वह घबरा  गया नमन फंदे पर झूल रहा था उसने आकर घरवालों को बताया और तब बाथरूम का दरवाजा तोड़कर देखे तो नमन फांसी पर लटका हुआ था घरवालों ने तुरंत फंदे को काटा और नमन को लेकर भालूमाडा कॉलरी हॉस्पिटल गए लगभग 10:15 पर हॉस्पिटल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने नमन को देख कर उसे मृत बताया ।
     घटना की सूचना थाने में दी गई जहां से सुबह पीएम व पंचनामा की कार्रवाई करने के लिए कहा गया परिजनों द्वारा शव को कालरी के ही शव गृह में रखवाया गया है मासूम नमन की मौत की खबर से उसका पूरा परिवार ही नहीं पूरे नगर में लोग स्तब्ध हैं कि आखिर कैसे 11 वर्ष के बालक ने फांसी लगा ली।
      नमन छठवीं क्लास का छात्र है वह शासकीय स्कूल जमुना कॉलरी में अध्ययनरत था और क्रिकेट का अच्छा खिलाड़ी था स्कूल से जिला स्तर तक क्रिकेट खेलने के लिए भी गया था और हमेशा की तरह भी वह रोजाना क्रिकेट खेलने के लिए शाम को जाता था लेकिन लाख डाउन होने की वजह से उसके घर में नमन को समझाते थे कि बाहर खेलना नहीं है घर में ही रहना है लेकिन नमन खेलने के लिए बाहर चला जाता था आज भी वह अपने मित्रों के साथ बाहर था घर आने पर मां ने सिर्फ इतना ही बोला था कि बाहर मत जाया करो और इतनी सी बात में नमन को इतनी पीड़ा हुई कि उसने  फांसी लगा ली।

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