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निष्काम सहयोग की मिसाल बना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, 21 जिलों में देवदूत बन कर पहुंचे स्वयंसेवक-मनोज द्विवेदी

अनूपपुर-24 अप्रैल 
सेनेटाईजेशन करते स्वयंसेवक पिता - पुत्र 
कोविड - 19 के संक्रमणकालीन लाकडाऊन के दौरान पीडित मानवता की सेवा के लिये दो तरह के लोग समाज में  सामने आए। एक तो वे जो घोषणा ,प्रेस नोट , सेल्फी ,फोटो के माध्यम से महज प्रचार प्रसार के लिये कार्य करते दिखे । जिन्हे समाज ने देखा भी ऒर उनका मजाक भी बनाया । कुछ स्थानों पर गरीबों ने सहायता की फोटो, वीडियो बनते देख स्वाभिमान पूर्वक सामग्री लेने से मना कर दिया। वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे भी लोग शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करते देखे जा रहे हैं , जिनके साथ प्रचार का कोई तंत्र साथ नहीं दिखा। ना ही सहायता कार्य करते हुए इन लोगों ने प्रचार - प्रसार की कोई अपेक्षा ही रखी।
      राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने अनूपपुर जैसे सीमावर्ती जिले में कोतमा ,अनूपपुर, पुष्पराजगढ, जैतहरी के ग्रामीण- शहरी क्षेत्रों कर साथ महा कौशल प्रांत के जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल संभाग के 21 जिलों में पीडित मानवता की सेवा का बीडा उठा रखा है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संघ के हजारों स्वयंसेवक स्वत: स्फूर्त तरीके से आवश्यकता के अनुरुप सहयोग कार्य कर रहे हैं। लाकडाऊन को 26 दिन बीत गये , किसी भी स्वयंसेवक द्वारा किये गये कार्य की ना तो एक भी सेल्फी सोशल मीडिया में शेयर की गयी , ना ही प्रेस नोट जारी कर समाचार प्रकाशन का प्रयत्न किया गया।
#यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुशासन , उसकी नि: स्वार्थ कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल ही कहा जाएगा कि उसके 6501 कार्यकर्ताओं द्वारा 21 जिलों के 852 सेवा स्थानों पर राशन किट वितरित किये गये।  स्वयंसेवकों द्वारा  भोजन पैकेट ,मास्क एवं  लोगों को आयुर्वेदिक काढा प्रदान किया गया।   स्टे होम ( अन्य प्रदेशों से आए लोगों)  तथा  पर प्रांतीय जनों ( दूसरे प्रदेश में फंसे लोग) को सहायता पहुंचाई गयी।   यूनिट रक्तदान किया गया।
   इसके साथ ही विभिन्न जगहों पर 3401 परिवारों द्वारा कोरोना से लड रहे राष्ट्र योद्धाओं ( चिकित्सकों, स्वच्छता कर्मियों, सुरक्षा कर्मियों एवं अन्य लोगों) का सम्मान किया गया। जिसमें  चिकित्सकों ,  स्वच्छता कर्मियों, सुरक्षा कर्मी भाई बहनों का सम्मान किया गया।
यह विशेष उल्लेखनीय है कि स्वयंसेवक परिवारों में महिलाओं द्वारा नि:शुल्क मास्क निर्माण करते हुए घुमन्तु समाज, सुदूर वनांचल क्षेत्र में निवासरत समाज एवं शहरी क्षेत्रों की पिछड़ी बस्तियों में सेवा कार्य किया गया।
  संकटकाल में नि: स्वार्थ भाव से किये गये स्वयंसेवी सहायता कार्य की जितनी भी प्रशंसा की जाए ,वह कम ही होगी।
जब कांग्रेस, वाम दलों द्वारा समाज को कोई सहयोग ना करके कोरोना संकटकाल को हिन्दू - मुस्लिम - इसाईयत का जामा पहना कर कुटिल राजनीति की जा रही हो , तो ऐसे में इनके द्वारा प्रत्येक मुद्दे पर संघ को दोष देने वालों के लिये इस समाजसेवी संस्था ने अनुकरणीय मिसाल प्रस्तुत की है।

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