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पुलिस की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं बहानेबाज, संपूर्ण लॉकडाउन के बाद भी लोग घरों से निकलना नहीं कर रहे बंद

भालूमाड़ा-8 अप्रैल 

 दुनिया भर के लिए महामारी बना कोरोनावायरस पूरे देश में बहुत बड़ा संकट के रूप में सामने है
     देशभर के कई प्रदेशों में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है वहीं इससे पीड़ित लोगों की दुखद मौत भी हो रही है केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारें तक कोरोना बीमारी को नियंत्रण करने के लिए तरह-तरह के पाबंदियां कठोर कदम उठा रहे हैं जिससे लोगों को बचाया जा सके केंद्र सरकार द्वारा 21 दिनों के लाक डाउन का आदेश दिया गया है जिसका परिपालन पूरे देश भर में किया जा रहा है लॉक डाउन का नतीजा एवं प्रशासन की सक्रियता से ही कम से कम शहडोल संभाग इस बीमारी से अभी तक अछूता है जिसके लिए संभाग भर की पुलिस 24 घंटे अपनी सेवाएं दे रही हैं जिससे लोग सुरक्षित रहें समाज सुरक्षित रहे हमारा जिला हमारा संभाग इस बीमारी से बचा रहे ।
      इसी तरह अनूपपुर जिले में भी करो ना संक्रमण के बचाव के लिए जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देश में सख्ती से नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया है जिसके  लिए हमारी पुलिस अपना कर्तव्य निभा रही है लेकिन देखने में आ रहा है कि आज भी बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो नियमों को नजरअंदाज कर लाख बहाने बनाकर बाइक से फोर व्हीलर वाहनों से घूमने निकल पड़ते हैं भालू माडा थाना क्षेत्र के जमुना एवं भालू माडा में पुलिस द्वारा मुख्य मुख्य चौराहों तिराहो पर पॉइंट लगाकर हमारे जवान ड्यूटी में तैनात रहते हैं थाने से दो मोबाइल गाड़ियां भ्रमण करती रहती हैं इसके बाद भी सुबह से लेकर रात तक सैकड़ों लोग रोड पर निकल रहे हैं पुलिस द्वारा इन वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्यवाही भी की गई है इसके बाद भी बहुत सारे लोग हैं जो नियमों को दरकिनार करते हुए तरह-तरह के बहाने बनाकर घूमने से बाज नहीं आते अक्सर देखा गया है कि कुछ नवयुवक बाइक लेकर निकलते हैं और जब पुलिस उन्हें रोकती है तो कोई एटीएम का बहाना कोई बैंक का बहाना कोई दवाई का बहाना कोई पापा को ड्यूटी से लाना है कोई मम्मी को ड्यूटी से लाना है कोई इलाज का बहाना करते नजर आते हैं पुलिस द्वारा इन्हें बार-बार समझाई दी जाती है लोगों को सजग किया जा रहा है प्यार से उन्हें बताया जा रहा है लेकिन यह लोग पुलिस की बात को एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल रहे हैं जबकि सबको पता है कि कलेक्टर महोदय के आदेश से पूरी तरह बंद है उसके बाद भी पढ़े लिखे लोग पढ़े लिखे नवयुवक लाख बहाने करके सड़कों पर निकल रहे हैं ऐसा लगता है सबसे ज्यादा जरूरत और परेशानी सिर्फ इन्हें ही है जबकि सबसे गरीब तबका जिसके पास खाने को भी नहीं है वह बेचारे अपने घरों में बंद है वह सड़क पर नहीं दिखते लेकिन जो लोग सक्षम है संपन्न है उन्हें प्रति दिन एटीएम  बैंक नजर आता है इतना ही नहीं अनेक नाबालिग वाहन लेकर सड़कों पर घूम रहे हैं अनेक वाहनों में ना तो नंबर होते हैं ना गाड़ी के कागजात शायद उनके माता-पिता को यह नहीं पता कि बाहर निकलना बंद है या फिर वह लोग जानबूझकर अपने बेटों को खुली छूट दे रखे हैं पुलिस द्वारा अभी तक शक्ति ना किया जाना एवं भालूमाडॉ में स्टाफ की कमी के कारण ही लोगों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है और यदि प्रशासन द्वारा ऐसे लोगों के ऊपर सख्ती नहीं की गई तो प्रतिबंध का असर मजाक बनकर रह जाएगा नगर के लोगों की अपेक्षा है की भालूमाडॉ में अतिरिक्त पुलिस बल दिया जाए और साथ ही साथ पुलिस अधीक्षक महोदय शक्ति से निपटने के निर्देश दें साथ ही साथ यह भी देखने में आया है कि जब पुलिस ऐसे लोगों को रोकती है उन्हें समझाइश देती है उन्हें कुछ दंडित करने का प्रयास करती है तो स्थानीय नेताओं के सिफारिश आने लगते हैं जबकि होना यह चाहिए कि जो लोग सिफारिश करते हैं वह उन लोगों को समझाएं उनके घर वालों को समझाएं कि प्रतिबंध लगा हुआ है अपने बच्चों को घर से बाहर ना जाने दे स्वयं भी घर से बाहर ना जाए लेकिन ऐसा लग रहा है कि सारे समाज का ठेका केवल और केवल पुलिस ने ले रखा है इसलिए पुलिस को अब इस प्रतिबंध को पालन कराने के लिए कठोर और सख्त होने की आवश्यकता है।

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