Header Ads Widget

Responsive Advertisement

रोजगार मूलक शिक्षा पद्धति से दूर होगी बेरोजगारी - प्रो डा भरत शरण सिंह

पूर्व अजजा आयोग अध्यक्ष रौतेल ने की सौजन्य भेंट 

अनूपपुर/1अक्टूबर 2020


बढती बेरोजगारी के मूल में किताबी शिक्षा आधारित डिग्रियाँ हैं। यदि विश्वविद्यालयों के माध्यम से छात्र - छात्राओं को रोजगार मूलक शिक्षा दी जाए तो देश में बेरोजगारी की समस्या दूर हो सकती है। म प्र निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो डाक्टर भरत शरण सिंह ने उपरोक्त विचार सौजन्य भेंट हेतु पहुंचे पू अजजा आयोग अध्यक्ष रामलाल रौतेल तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं नमो एप संभागीय प्रभारी मनोज द्विवेदी के साथ चर्चा के दौरान व्यक्त किये ।

 प्रोफेसर सिंह ने कहा कि भारतीय शिक्षा पद्धति में गुणवत्ता तथा दिशा निर्धारण की बहुत जरुरत है। यदि हाई स्कूल - हायर सेकेंडरी स्तर तक पहुंचते - पहुंचते छात्र - छात्राओं की दिशा तय हो जाए कि उनकी शिक्षा का उद्देश्य क्या है एवं भविष्य में रुचि किस क्षेत्र में है तो उससे आगे की उनकी राह आसान हो सकती है।‌डिग्री आधारित शिक्षा या लक्ष्य विहीन युवा भविष्य में समस्या खड़ी कर सकता है। 

आयोग के अध्यक्ष प्रो सिंह ने कहा कि समय आ गया है जब हम उच्च गुणवत्ता युक्त युनिवर्सिटीज पर ध्यान दें। इनमें गडबडी, लापरवाही, कमियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें अध्ययन करने वाले छात्र - छात्राओं को कोई परेशानी ना हो ,उन्हे रोजगार परक शिक्षा मिल सके तथा विश्वविद्यालय संचालक बेवजह ना किसी से परेशान हों और ना ही किसी को परेशान करें...यह हमें देखना होगा।

    अनूपपुर के पूर्व विधायक तथा अजजा आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री रौतेल ने प्रो सिंह को नयी नियुक्ति की शुभकामनाएँ प्रदान की तथा अमरकंटक दर्शन के लिये आमंत्रित किया। जबकि नमो एप के शहडोल संभाग संयोजक एवं वरिष्ठ पत्रकार मनोज द्विवेदी ने अपने गुरु प्रो भरत शरण सिंह को विंध्य रत्न की उपाधि देते हुए कोरोना संक्रमण के बाद स्वस्थ परिस्थितियों में म प्र श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांतीय सम्मेलन में सार्वजनिक अभिनन्दन के लिये निवेदन किया। 

     अपनी नयी जिम्मेदारी पर टिप्पणी करते हुए उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्म निर्भर भारत अभियान को मजबूत करने के लिये शीघ्र ही सभी निजी विश्वविद्यालयों से वर्चुअली संपर्क कर उनसे सुझाव लेकर कौशल उन्नययन, उद्यमिता विकास को गति प्रदान करने की योजना पर काम करेंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि निजी विवि द्वारा यूजीसी के समस्त मापदण्डों को पालन करने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाएगा।

Post a Comment

0 Comments