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शिव लहरा धाम में मेला के पश्चात पसरा कचरे का ढेर जिम्मेदारों को होश नहीं।

 सुरेश शर्मा

  ग्राम पंचायत दार सागर जनपद बदरा के अधिकारियों के द्वारा स्वच्छता अभियान को किया नजरअंदाज, ग्राम पंचायत दार सागर मेला में जमकर किए वसूली , शासकीय महाराजा मार्तंड महाविद्यालय के छात्रों ने मेला परिसर में की साफ-सफाई

    भालूमाड़ा-13 मार्च 2021




 बदरा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत दार सागर के केवई नदी घाट शिव लहरा धाम जो क्षेत्र का एकमात्र पांडव कालीन प्राचीन ऐतिहासिक पुरातात्विक धार्मिक एवं आम लोगों के लिए आस्था का एक मात्र स्थान है जहां लोगों की आस्था विश्वास जुड़ा हुआ है माना जाता है कि इस स्थान पर पांडवों ने अपना 1 साल का अज्ञातवास गुजारा था उसी समय कि यहां पांडव कालीन गुफाएं व मंदिर हैं जहां लोग हर महाशिवरात्रि को विधि विधान से पूजा अर्चना करते चले आ रहे हैं और यह परंपरा धीरे-धीरे मेला के रूप में परिवर्तित हो गई और आज कोयलांचल क्षेत्र में सबसे बड़े मेले का आयोजन यही शिव लहरा धाम में होता है जहां की संपूर्ण जवाबदारी स्थानीय ग्राम पंचायत एवं जिला प्रशासन की होती है लेकिन वर्षों से देखने को मिला है कि मेला की जिम्मेदारी या मेला प्रबंधन केवल खानापूर्ति करते हुए ग्राम पंचायत को मेला में आए दुकानदारों यात्रियों से केवल वसूली की जाती है और जबकि मेला स्थल या अन्य व्यवस्थाएं पूरी तरह से शून्य रहती हैं।



        पिछले कई वर्षों से महा शिवरात्रि पर दो दिवसीय मेला लगने के बाद पूरे मंदिर परिसर आसपास कचरे का ढेर जमा रहता है जिसे ना तो साफ सफाई कराई जाती है ना कोई व्यवस्था और यह सारा कचरा पन्नी उड़कर नदी में जाता है जिस कारण से प्रदूषण फैलता है जबकि केवई नदी इस क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी है।

  इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर दो दिवसीय मेले के बाद जब मेला परिसर की स्थिति देखने के लिए प्रतिनिधि पहुंचा तब पूरे परिसर में कचरा पन्नी का ढेर लगा हुआ था और यहां न तो पंचायत का कोई कर्मचारी नजर आया और ना ही मेला प्रबंधन या शासकीय विभाग के जिम्मेदार।

    बदरा जनपद के सीईओ को फोन से बात करने का भी प्रयास किया लेकिन उनका फोन नहीं लगा वही ग्राम पंचायत दार सागर के सचिव को फोन से बात करना चाहा तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

      शिव लहरा धाम में प्रतिवर्ष मेले के बाद साफ सफाई ना होने की जानकारी स्थानीय समाजसेवियों को भी थी वही नगर के शासकीय महाराजा मार्तंड महाविद्यालय के (एन एस एस )राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र-छात्राओं कॉलेज के शिक्षक स्थानीय कोशिश सेवा समिति के सदस्यों ने मिलकर मेला परिसर की साफ-सफाई का जिम्मा उठाया और समस्त लोगों ने मेला परिसर की साफ-सफाई किए जबकि सफाई के लिए ना तो कोई सामग्री उपलब्ध कराई गई और ना ही कुछ साधन संसाधन।

      मेला परिसर में स्वच्छता अभियान और एक सामाजिक सेवा के रूप में शासकीय महाराजा मार्तंड महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ वीके सोनवानी के आदेश पर प्रोफेसर डॉक्टर पंचम सिंह कावड़े, डॉक्टर श्रीमती अनीता तिवारी ,डॉ विक्रम सिंह वीडे, कोशिश सेवा समिति के जितेंद्र रजक, विमल सिंह सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के लगभग 40 छात्र-छात्राएं जिनमें  राहुल सिंह, पारस, मुस्कान ,स्वाति ,अनीता, यादव, मीना चंद्राकर, नरेंद्र , सभी छात्र छात्राओं ने सीमित संसाधन होते हुए भी मेला परिसर में साफ-सफाई करते हुए स्वच्छता का संदेश दिया उनकी इस सेवा भावना से मेला परिसर में आए लोगों ने भी छात्र-छात्राओं की सराहना किए लेकिन विडंबना देखिए कि मेला परिसर की व्यवस्था प्रबंधन की जिम्मेदारी जिस शासन प्रशासन पर है उसे स्वच्छता अभियान से जैसे कोई लेना देना नहीं।

      मेला परिसर में छात्रों द्वारा की जा रही साफ सफाई के लिए कोई संसाधन ना होने की सूचना पसान सीएमओ रामसेवक हलवाई को हुई तब उन्होंने निकाय से सफाई के लिए तत्काल झाड़ू की व्यवस्था कराई साथ ही उन्होंने आदेशित किया की रविवार को पसान नगर पालिका की पूरी सफाई टीम मेला परिसर में जाकर साफ सफाई का बचा हुआ पूरा काम करेगी।

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