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निलंबित सचिव ने लगाए आरोप, फर्जी हस्ताक्षर एवं सील लगाकर कर डाला लाखों का भुगतान

नहीं दिया गया भरत ट्रेडर्स को किसी भी सामग्री के क्रय व सप्लाई करने का आदेश

अनूपपुर ।

जनपद पंचायत अनूपपुर के ग्राम पंचायत भाद के निलंबित सचिव लल्लूराम केवट ने फर्जी हस्ताक्षर एवं सचिव की सील लगाकर कर मनरेगा के लाखों का भुगतान करने की शिकायत जिला पंचायत सीओ से की है। शिकायत में सचिव ने बताया कि वह ग्राम पंचायत भाद में सचिव के पद पर कार्यरत था। माह अप्रैल 2023 में किन्ही कारणों से उसका निलंबित आदेश जारी हुआ था। जिसके बाद से वह उक्त पद से कार्यमुक्त है। जिसके लगभग 03 माह बीत जाने के बाद माह जुलाई 2023 में उसके फर्जी हस्ताक्षर व सील लगाकर लाखों रू का भुगतान किया गया है।


लाखों रुपए के भुगतान का लगाया आरोप -ग्राम पंचायत भाद के निलंबन सचिव लल्लूराम केवट ने फर्जी हस्ताक्षर एवं सील लगाकर कर मनरेगा के 384452/- रू का भुगतान करने की बात अपने शिकायत पत्र में कही है। साथ ही यह भी बताया कि दिनांक 01-07-23 को मनेरगा से जो भुगतान हुआ है। उन तीनों बिलों एवं प्रमाण पत्र में मेरा फर्जी हस्ताक्षर किया गया है, जबकि श्री भरत ट्रेडर्स निवासी अनूपपुर से कोई सामाग्री क्रय का आर्डर व सप्लाई करने का आदेश नही दिया गया है।


यह लिखा है शिकायत पत्र में -निवेदन है कि प्रार्थी लल्लूराम केवट निलंबित सचिव ग्राम पंचायत भाद मुझे श्री मान के आदेश दिनांक 15/04/23 क्रमांक-1064 के आदेश में प्रार्थी को ग्राम पंचायत भाद के सचिव के पद से निलंबित आदेश जारी हुआ है। उसके बाद प्राथमिक शाला भाद में बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य का टीएस एवं एएस सिक्योर में दिनांक 09/05/2023 को जारी हुआ है। उसके दूसरे दिनांक 10-05-23 को श्री भरत ट्रेडर्स निवासी अनूपपुर के बिल नं. 813 राशि 144900/- रु, बिल नं. 814 राशि 128943/- रू, बिल नं 815 राशि 127755/- रु कुल टोटल 384452। दिनांक 01-07-23 को मनेरगा से भुगतान हुआ है। तीनों बिलों एवं प्रमाण पत्र में मेरा फर्जी हस्ताक्षर किया गया है, जबकि श्री भरत ट्रेडर्स निवासी अनूपपुर से कोई सामाग्री क्रय का आर्डर व सप्लाई करने का आदेश नही दिया गया है। जब मेरे द्वारा CO अनूपपुर को ग्रुप में जानकारी दी गई तो मेरे मो. नंबर को जनपद टीम के समस्त टीम से, मेरे मोबाईल नंबर को एडमिन टीम से बंद कर दिया गया। जब मुझे APO साहब फोन कर के बोला गया कि बिलों में हस्ताक्षर कर दें। कुछ समय बाद मेरे वट्सअप में बिल भेजते हैं तो मैंने कहा कि ये मेरे हस्ताक्षर व सील नहीं हैं। तब मेरा फोन बंद कर दिया गया। शिकायतकर्ता द्वारा फर्जी हस्ताक्षर व सील लगाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।


आखिर किसने किये फर्जी हस्ताक्षर - ग्राम पंचायत भाद के निलंबित सचिव ने जिस प्रकार फर्जी हस्ताक्षर व सचिव की सील के उपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं उससे यह पश्न तो उठता है कि आखिर यह फर्जी हस्ताक्षर किसके हैं, जिसके उपयोग से इस फर्जीवाड़े को अंजाम देते हुए कई लाखों रुपयों की राशि मनरेगा के माध्यम से आहरित कर ली गई है। यदि पूरे मामले की स्पष्ट रूप से जांच हो तो सारा मामला उजागर हो सकता है।


एपीओ की भूमिका संदेह के घेरे में -जनपद पंचायत अनूपपुर में पदस्थ एपीओ रविन्द्र आर्या की भूमिका संदेश के दायरे में है। सचिव ने शिकायत पत्र में एपीओ द्वारा हस्ताक्षर करने के लिये दबाव बनाए जाने की बात स्पष्ट रूप से कही है। चूंकि मनरेगा में भुगतान की जिम्मेदारी एपीओ की होती है, ऐसी में भुगतान के बाद बिलो पर सचिव के हस्ताक्षर कराए जाने की बात कहीं न कहीं संदेह पैदा करती है।


सीईओ जनपद को मिली जांच -प्रार्थी लल्लूराम केवट के द्वारा जनसुनवाई में आवेदन के माध्यम से उक्त शिकायत की गई है। जिसके पश्चात सीओ जिला पंचायत अनूपपुर द्वारा उक्त शिकायत पत्र पर संज्ञान लेते हुए जांच करने के आदेश सीओ जनपद अनूपपुर को दिए गए हैं। अब यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आखिरकार यह फर्जी हस्ताक्षर किसके हैं और इस फर्जीवाड़े के पीछे आखिर किस नटवरलाल का हाँथ है।

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