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मलेरिया विभाग अनूपपुर द्वारा ग्रामीणों में किया जा रहा दवायुक्त मच्छरदानी का वितरण,जिला पंचायत उपाध्यक्ष सहित बीएमओ ने किया मच्छरदानी का वितरण

अनूपपुर।दिवाकर विश्वकर्मा



 दवायुक्त मच्छरदानी का स्वास्थ्य विभाग अनूपपुर के द्वारा जिले के चिन्हांकित ग्रामों में वितरण किया जा रहा है। 14 मार्च को अनूपपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परासी में मच्छरदानी का वितरण मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी अनूपपुर धनी राम सिंह श्याम तथा जिला पंचायत उपाध्यक्ष अनूपपुर तेजभान सिंह के द्वारा किया गया,जहां सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। जहां वितरण के दौरान अपने उद्बोधन में मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी अनूपपुर ने कहा मच्छरदानी वितरण के समय आवश्यक है कि हितग्राही अपने समग्र आई.डी. या अन्य परिवार पहचान आई.डी. वितरण कर्मचारियों को उपलब्ध कराएं, ताकि वास्तविक संख्या के आधार पर मच्छरदानी वितरित किया जा सके। दवायुक्त मच्छरदानी हमें वाहक जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया आदि से सुरक्षा प्रदान करने के साथ मच्छरों एवं अन्य जहरीले कीटों से सुरक्षा प्रदान करती है। साधारण मच्छरदानी की तुलना में दवायुक्त मच्छरदानी शरीर में स्पर्ष होने पर कुछ समय के लिए जलन हो सकती है लेकिन यह किसी भी तरह से मनुष्य के लिए हानिकारक नहीं है और न ही इससे छोटे बच्चे को कोई नुकसान होता है। परिवार में छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, वृद्धजनों को यह मच्छरदानी आवश्यक रुप से उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

वाहक जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया, जापानीज एनसेफेलाइटिस संक्रमित मच्छर के काटने से फैलाया जाता है। इस हेतु यह आवश्यक है कि संक्रमित मच्छर और मनुष्य के बीच के संपर्क को रोकने एवं बीमारी के फैलाव को कम करने के लिए वितरण किए जा रहे दवायुक्त मच्छरदानी (एल.एल.आई.एन.) का उपयोग निर्देशानुसार किया जाए। समस्त ग्राम वासियों से अपील की गई है कि सोते समय दवायुक्त मच्छरदानी का उपयोग आवश्यक रुप से करें एवं मच्छरदानी वितरण कार्य में सहयोग प्रदान करें।

कार्यक्रम में उपस्थित दिनेश सिंह श्याम समाजसेवी, केदार सिंह मार्को समजसेवी, तथा परासी अस्पताल प्रबंधन उपस्थित रहा,जहां खंड चिकित्सा अधिकारी अनूपपुर धनीराम सिंह श्याम ने जनता से अपील की है 

क्या करें - घर के अन्दर अथवा बाहर सोते समय हमेशा कीटनाशक उपचारित (दवा वाली) मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। मच्छरदानी के चारों कोनों की रस्सी को अच्छी तरह से बांध कर रखें और इसके निचले हिस्से को गद्दे या चटाई के नीचे दबा दें। लगाते समय इसे अधिक खिचाव से न लगावें। इस्तेमाल के बाद कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी को ठीक से तह लगाकर साफ स्थान पर रखें। अत्यधिक गंदा होने पर कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी को सादे और साफ पानी में हल्के से रगड़कर धोयें। हल्का धोने के बाद इसे छांव में सुखाएं। आग से दूर रखें एवं कटने, फटने व जलने से बचावें।

क्या न करें - कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी को धूप में न सुखाएं। इसे धोने के लिए गर्म पानी अथवा ब्रश का इस्तेमाल न करें। इसे धोने के लिए पत्थर पर न पटकें। धोने के बाद न निचोंडें। कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी का उपयोग मछली पकड़ने के लिए न करें। कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी को न बेंचे और न की उपहार में दें। मच्छरदानी का उपयोग खाद्य सामग्री ढकने, सुखाने जैसे अन्य कार्य में नहीं किया जावे।

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